Krishi Times Header
लोड हो रहा है...  |  Krishi Times
  • Home  
  • पंजाब में मछली पालन को मिल रहा है बढ़ावा!
- कृषि समाचार

पंजाब में मछली पालन को मिल रहा है बढ़ावा!

जालंधर में मत्स्य संपदा योजना की समीक्षा: पंजाब में ₹168 करोड़ का निवेश, इनलैंड फिशरीज को बढ़ावा !! जालंधर, पंजाब। भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव ने जालंधर का दौरा कर (PMMSY) के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने योजना के लाभार्थियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव का आकलन […]

जालंधर में मत्स्य संपदा योजना की समीक्षा: पंजाब में ₹168 करोड़ का निवेश, इनलैंड फिशरीज को बढ़ावा !!

जालंधर, पंजाब। भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव ने जालंधर का दौरा कर (PMMSY) के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने योजना के लाभार्थियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव का आकलन किया।

लाभार्थियों से संवाद, आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण !!

अपने दौरे के दौरान डॉ. लिखी ने उन लाभार्थियों से मुलाकात की, जिन्हें योजना के तहत आइस बॉक्स युक्त स्कूटर, इंसुलेटेड वाहन और अन्य आधुनिक सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इन संसाधनों के जरिए मछली की गुणवत्ता बनाए रखने और बाजार तक बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

पंजाब में उल्लेखनीय प्रगति !!

पंजाब ने PMMSY के तहत उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य में कुल ₹168 करोड़ का निवेश किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से ₹47 करोड़ का योगदान शामिल है। यह निवेश राज्य में मत्स्य उत्पादन, प्रोसेसिंग और विपणन को मजबूत बना रहा है।

महिला मत्स्यपालक के तालाब का निरीक्षण !!

डॉ. लिखी ने जालंधर जिले के जंडू सिंघा स्थित जैतोवाली गांव में सुश्री अहनीर कौर के मछली तालाब का भी निरीक्षण किया। यह तालाब PMMSY के तहत विकसित किया गया है और ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बनकर उभरा है।

इनलैंड फिशरीज की बढ़ती भूमिका !!

भारत में कुल मत्स्य उत्पादन का 75% से अधिक हिस्सा इनलैंड फिशरीज से आता है, जो लगभग 197.75 लाख टन आंका गया है। यह क्षेत्र न केवल ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करता है, बल्कि पोषण सुरक्षा और निर्यात क्षमता को भी बढ़ावा देता है।

स्थानीय प्रजातियां और बाजार !!

पंजाब के इस क्षेत्र में कैटला, रोहू, मृगल, ग्रास कार्प और कॉमन कार्प जैसी मीठे पानी की मछलियों का पालन किया जा रहा है। जालंधर के स्थानीय बाजार में इनकी कीमत लगभग ₹140 प्रति किलोग्राम है, जबकि बाजार योग्य वजन 700–800 ग्राम के बीच रहता है।

झींगा पालन के लिए क्लस्टर विकास !!

भारत सरकार ने पंजाब के मुक्तसर साहिब जिले को झींगा (श्रिम्प) पालन के लिए क्लस्टर के रूप में अधिसूचित किया है। इससे राज्य में मत्स्य क्षेत्र के विविधीकरण और निर्यात को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

सारांश:

डॉ. अभिलक्ष लिखी का यह दौरा स्पष्ट करता है कि PMMSY योजना के माध्यम से पंजाब में मत्स्य क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इससे किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया,मत्स्य पालन विभाग