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बकरी आज के समय का ए.टी.एम

बकरी आज के समय का ए.टी.एम है, एनी टाइम मनी, एनी टाइम मिल्क, एनी टाइम मीट । इस कांसेप्ट पर काम करिए। ये संदेश बकरी महाकुंभ से निकल कर आया है। अभिजीत मित्रा, आयुक्त पशुपालन विभाग, भारत सरकार ने बकरी पालन के उभरते भविष्य के साथ-साथ संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय बकरी महाकुंभ की प्रशंसा की […]

बकरी आज के समय का ए.टी.एम है, एनी टाइम मनी, एनी टाइम मिल्क, एनी टाइम मीट । इस कांसेप्ट पर काम करिए। ये संदेश बकरी महाकुंभ से निकल कर आया है। अभिजीत मित्रा, आयुक्त पशुपालन विभाग, भारत सरकार ने बकरी पालन के उभरते भविष्य के साथ-साथ संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय बकरी महाकुंभ की प्रशंसा की । श्री गेब्रियल डी. वांगसु, कृषि, पशु चिकित्सा, बागवानी एवं मत्स्य पालन मंत्री, अरुणाचल प्रदेश ने केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम के कठिन परिश्रम की सराहना की एवं उपस्थित किसानों से संस्थान में चल रही परियोजनाओं का लाभ लेने की अपील की ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो0 डॉ0 एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि देश में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय बकरी महाकुंभ में सहभागिता करने का मुझे अवसर प्राप्त हुआ है । भारत अब पशुपालकों का भी है, देश की तरक्की का रास्ता खेती-खलिहानी के साथ-साथ पशुपालन से होकर भी जाता है । भारत का किसान, वैज्ञानिकों को मानता है लेकिन वैज्ञानिकों की नही मानता है, देश के किसानों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत खेती एवं उन्नत पशुपालन का रुख करना पड़ेगा जो कि आय दोगुना करने में सहायक सिद्ध होगा । बकरी आज के समय का ए.टी.एम है, एनी टाइम मनी, एनी टाइम मिल्क, एनी टाइम मीट । इसी के साथ ही उन्होंने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए संस्थान के शोध एव अनुसंधान कार्यों की भी प्रशंसा की ।


इस कार्यक्रम में किसान-वैज्ञानिक संबंध पर चर्चा, विभिन्न महत्वपूर्ण शोध एवं अनुसंधान पर चर्चा, पशुपालन एवं कृषि तकनीकी प्रदर्शन, उच्च नस्ल के बकरे-बकरियों का प्रदर्शन, प्रगतिशील बकरी पालकों का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आईं प्रदर्शनियों एवं संस्थान की विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बकरी पालक किसानों को नई तकनीकियों एवं वैज्ञानिक बकरी प्रबंधन जागरूक करते हुए उनकी आत्मनिर्भर बनने में मदद करना एवं उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित था । इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों एवं महिला किसानों के विकास एवं सशक्तिकरण विषय पर भी विशेष ध्यान दिया गया

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