Krishi Times Header
लोड हो रहा है...  |  Krishi Times
  • Home  
  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की कृषि मुद्दों पर समीक्षा बैठक
- खेती की दुनिया

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की कृषि मुद्दों पर समीक्षा बैठक

कृषि क्षेत्र में प्रगति, फसलों की बुआई और कीमतों पर चर्चा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में रबी फसलों की बुआई, राष्ट्रीय कीट सर्वेक्षण प्रणाली, कृषि उत्पादों के आयात-निर्यात, विपणन, […]

कृषि क्षेत्र में प्रगति, फसलों की बुआई और कीमतों पर चर्चा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में रबी फसलों की बुआई, राष्ट्रीय कीट सर्वेक्षण प्रणाली, कृषि उत्पादों के आयात-निर्यात, विपणन, और फसल की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई।

मंत्री चौहान ने जानकारी दी कि 17 जनवरी 2025 तक रबी फसलों का कुल बुआई क्षेत्र 640 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.51 लाख हेक्टेयर अधिक है। उन्होंने कहा कि समग्र फसल कवरेज और स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। टमाटर, प्याज और आलू (टी.ओ.पी.) फसलों की बुआई भी तेज गति से हो रही है।

मंडी कीमतों की स्थिति:
बैठक में मंडी कीमतों का अवलोकन किया गया। गेहूं (0.46%), सरसों (0.14%), और सोयाबीन (0.25%) की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अरहर (1.22%), चावल (1.20%), चना (0.67%), आलू (6.34%) और टमाटर (6.79%) की कीमतों में गिरावट आई है। फिलहाल बाजार में गेहूं, चावल, चना, सरसों और तिल की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) से अधिक मिल रही हैं।

राज्यों के साथ समन्वय:
चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कृषि संबंधित मुद्दों पर राज्य सरकारों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें। उन्होंने कहा, “राज्य स्तर पर अधिकारियों की भागीदारी के बिना जमीनी समस्याओं का समाधान करना मुश्किल है।”

मंत्री ने कहा कि वह स्वयं साप्ताहिक समीक्षा बैठक करेंगे और राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ समय-समय पर समन्वय स्थापित करेंगे।

इस बैठक के माध्यम से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति और किसानों को एम.एस.पी. के माध्यम से लाभ दिलाने की दिशा में ठोस प्रयासों का संदेश दिया गया।

बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि बेहतर उत्पादन और विपणन से किसानों को लाभ सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल आवश्यक है।

फसलों की बुआई और विपणन की वर्तमान स्थिति इस बात का संकेत देती है कि कृषि क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति हो रही है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *