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डिजिटल कृषि और नवाचार पर भारत की नई पहल

शिवराज सिंह चौहान और बिल गेट्स की कृषि विकास पर चर्चा नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा गेट्स फाउंडेशन के सह-संस्थापक श्री बिल गेट्स के बीच कृषि भवन, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कृषि, खाद्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार […]

शिवराज सिंह चौहान और बिल गेट्स की कृषि विकास पर चर्चा

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा गेट्स फाउंडेशन के सह-संस्थापक श्री बिल गेट्स के बीच कृषि भवन, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कृषि, खाद्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा हुई।

शिवराज सिंह ने इस अवसर पर कहा कि भारत, गेट्स फाउंडेशन और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर दुनिया के गरीब और पिछड़े क्षेत्रों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी एवं जलवायु-अनुकूलित कृषि तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की असीम संभावनाएँ हैं।

महिला सशक्तिकरण और आजीविका मिशन

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आजीविका मिशन को महिला सशक्तिकरण का आंदोलन बताया और कहा कि इस पहल ने महिलाओं के जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। सरकार का संकल्प है कि देशभर में अधिक से अधिक “लखपति दीदी” तैयार की जाएं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

भारत का कृषि अनुसंधान विश्व के लिए लाभकारी – बिल गेट्स

बैठक के दौरान बिल गेट्स ने भारत में हो रहे कृषि अनुसंधान की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए लाभदायक हो सकता है। उन्होंने भारत की तकनीकी क्षमताओं और अनुसंधान कार्यों को अन्य देशों के लिए प्रेरणादायक बताया। इस पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत अपनी श्रेष्ठ कृषि पद्धतियों को ग्लोबल स्तर पर साझा करने को तत्पर है।

‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना से आगे बढ़ रहा भारत

शिवराज सिंह चौहान ने इस बैठक में भारत की वैश्विक दृष्टि को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत पर चलते हुए पूरे विश्व के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि भारत “सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामयाः” और “परहित सरिस धरम नहीं भाई” के विचारों में विश्वास करता है।

भारत की कृषि नीति और वैश्विक सहयोग

बैठक में चौहान ने बताया कि भारत कृषि क्षेत्र को उच्च प्राथमिकता दे रहा है। सरकार कृषि बजट का 10-11% यानी ₹5 लाख करोड़ से अधिक कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों पर खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल कृषि अवसंरचना विकसित कर रहा है और इसमें एग्रीस्टैक जैसी क्रांतिकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं।

उन्होंने गेट्स फाउंडेशन द्वारा डिजिटल एग्रीकल्चर, एग्रीकल्चर क्रेडिट, स्वास्थ्य, पोषण और गरीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

जलवायु-प्रतिरोधी कृषि और टेक्नोलॉजी का महत्व

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आईसीएआर (ICAR) द्वारा विकसित 2900 से अधिक फसल किस्मों में से 85% जलवायु-प्रतिरोधी हैं और 179 बायोफोर्टिफाइड हैं। उन्होंने गेट्स फाउंडेशन को इस क्षेत्र में और अधिक तकनीकी सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

बैठक में प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित

इस बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव शैलेष सिंह, आईसीएआर के अधिकारी और गेट्स फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी हरी मेनन तथा अल्केश आडवाणी उपस्थित रहे।

बैठक में कृषि उत्पादन बढ़ाने, डिजिटल कृषि विस्तार प्रणाली, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, समावेशी आजीविका कार्यक्रम, लखपति दीदी योजना, ड्रोन दीदी योजना, पशु स्वास्थ्य वैक्सीन, और वैश्विक कृषि सहयोग को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने मिलकर नवाचार और तकनीकी समाधान के माध्यम से भूखमुक्त, सशक्त और आत्मनिर्भर विश्व के निर्माण का संकल्प लिया।

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