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- कृषि समाचार

किसान की सीधी सब्सिडी पर उपराष्ट्रपति का बड़ा बयान

एग्रीप्रेन्योर बनें किसान, बढ़ाएं देश की ताकत नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश) भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में आयोजित ‘कृषि उद्योग समागम’ का उद्घाटन करते हुए किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद और अन्य सभी प्रकार की सब्सिडी सीधे किसान के खाते में पहुंचनी चाहिए, […]

एग्रीप्रेन्योर बनें किसान, बढ़ाएं देश की ताकत

नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश) भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में आयोजित ‘कृषि उद्योग समागम’ का उद्घाटन करते हुए किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद और अन्य सभी प्रकार की सब्सिडी सीधे किसान के खाते में पहुंचनी चाहिए, जिससे किसान की आमदनी में वास्तविक बढ़ोतरी हो सके।

उन्होंने कहा, “भारत में खाद पर बड़ी सब्सिडी है, लेकिन यह अप्रत्यक्ष रूप से दी जाती है। यदि यह सीधी दी जाए, तो हर किसान को सालाना कम से कम ₹35,000 की सहायता मिल सकती है।” उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से इस विषय पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का भी आग्रह किया।

“कृषि सिर्फ आर्थिक क्षेत्र नहीं, यह उद्योग से भी गहरा संबंध है” – उपराष्ट्रपति

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा, “कृषि केवल आर्थिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि इसका उद्योग से गहरा संबंध है। देश की आधी आबादी कृषि पर निर्भर है और हमें इसे उद्योग से जोड़ते हुए मजबूत करना होगा।” उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस दिशा में की गई पहल की सराहना की।

“भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था”

पिछले दशक की आर्थिक प्रगति को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “हमने फ्रांस, इंग्लैंड और जापान को पीछे छोड़ दिया है। अगला लक्ष्य जर्मनी है, और जल्द ही भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।”

कृषि-आधारित उद्योगों और एग्रीप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने की जरूरत: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने कहा, “देश को लाखों एग्रीप्रेन्योर की जरूरत है, जो कृषि उत्पादों का विपणन, मूल्य संवर्धन और नवाचार करें।”
उन्होंने NGO, सांसदों और उद्योगपतियों से अपील की कि वे गाँवों को गोद लें और वहां कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें।

पशुधन और डेयरी सेक्टर में भारत को बनना चाहिए विश्व नेता

मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा पशुधन और डेयरी क्षेत्र में लिए गए कदमों की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “दूध से लेकर आइसक्रीम और रसगुल्ले तक, भारत के किसान को नई तकनीक से जोड़ा जाए। आने वाले समय में भारत इस क्षेत्र में भी विश्व नेता बन सकता है।”

नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत का केंद्र – राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने नरसिंहपुर जिले को मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि यहां मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित बरमान में मकर संक्रांति का प्रसिद्ध मेला आयोजित होता है, जो पूरे प्रदेश की आस्था का प्रतीक है।

राज्यपाल ने कहा, “मध्यप्रदेश में कृषि मेलों और उद्योग समागमों के माध्यम से किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों के लिए सदैव समर्पित रहते हैं। देश के किसान कठिन परिश्रम से अन्न उगाते हैं, वहीं हमारे वैज्ञानिक भी तकनीक के माध्यम से किसानों के लिए नवीन उपकरण और संयंत्र तैयार कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “किसान और वैज्ञानिकों के समन्वय से ही देश का भंडार अन्न से परिपूर्ण है।

“मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में शस्य श्यामला” – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में ‘शस्य श्यामला’ प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने नरसिंहपुर जिले को ‘दाल का कटोरा’ बताते हुए कहा कि यहां की तुअर दाल को GI टैग प्राप्त हुआ है, जो यहां के किसानों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, जहां से 247 नदियों का उद्गम होता है। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। प्रदेश के घने जंगल और जलराशि प्राकृतिक संसाधनों को समृद्ध करते हैं। मां नर्मदा न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि गुजरात और राजस्थान को भी जल प्रदान करती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “बुंदेलखंड में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से समृद्धि आएगी। स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का सपना अब साकार हो रहा है – तीन बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम प्रारंभ हो चुका है, जिनमें पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक और ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना शामिल हैं। इससे मध्यप्रदेश वैश्विक स्तर पर अपनी जल आधारित पहचान बना रहा है।”

“किसानों को सशक्त करने के लिए किसान मेले और मिशन मोड पर काम” – डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर सबसे अधिक गेहूं उत्पादन करता है। इस वर्ष राज्य सरकार ने किसानों से ₹2600 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा है।”
उन्होंने जानकारी दी कि सरकार किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए नई कृषि तकनीकों और नवाचारों को मिशन मोड पर लागू कर रही है।

डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ज्ञान’ विजन को अमल में लाने के लिए प्रदेश में चार प्रमुख मिशन शुरू किए गए हैं — गरीब, युवा, किसान (अन्नदाता) और नारी सशक्तिकरण।
उन्होंने कहा, “किसान कल्याण मिशन इस दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।”

उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में 32 लाख किसानों को सोलर पंप देने की योजना शुरू की गई है, जिनमें से 90% अनुदान पर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
किसान मेलों के आयोजन से अन्नदाताओं को आधुनिक कृषि यंत्र सब्सिडी पर दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी उत्पादकता और आमदनी में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

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