Krishi Times Header
लोड हो रहा है...  |  Krishi Times
  • Home  
  • कम पूंजी, ज्यादा मुनाफा: सहकारिता से गांवों में आएगा आर्थिक उजाला
- कृषि समाचार

कम पूंजी, ज्यादा मुनाफा: सहकारिता से गांवों में आएगा आर्थिक उजाला

🔷 अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की भारत में होगी भव्य शुरुआत: अमित शाह मुंबई–केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मुंबई में ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सहकारिता को भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार बताते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं […]

🔷 अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की भारत में होगी भव्य शुरुआत: अमित शाह

मुंबई–केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मुंबई में ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सहकारिता को भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार बताते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

सहकारिता, भारत का जीवन-दर्शन

शाह ने कहा,

“पूरी दुनिया में सहकारिता एक आर्थिक मॉडल हो सकती है, लेकिन भारत में यह एक पारंपरिक जीवन-दर्शन है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने इसी दर्शन को आत्मसात करते हुए सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की, ताकि किसानों को समृद्ध बनाने और एक सशक्त इकोसिस्टम खड़ा किया जा सके।”

💼 टैक्स सुधारों से सहकारिता को मिली मजबूती

शाह ने बताया कि कॉरपोरेट और कोऑपरेटिव को आयकर कानून के तहत समान स्तर पर लाया गया है। अधिभार को 12 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत और MAT (न्यूनतम वैकल्पिक कर) को 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही 2 लाख रुपये से कम के लेनदेन पर PACS को आयकर जुर्माने से मुक्त कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि गन्ना मिलों से जुड़े कर विवादों का समाधान भी किया गया है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।

🌾 किसानों को मिलेगा ग्लोबल मार्केट 

अमित शाह ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL), राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) की स्थापना की गई है। इन संस्थाओं के जरिए किसानों की उपज को वैश्विक बाजारों तक पहुँचाया जाएगा और लाभ सीधे किसानों को मिलेगा

“भारत ऑर्गेनिक” ब्रांड के तहत जैविक उत्पादों की बिक्री से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को विश्वसनीय ऑर्गेनिक उत्पाद भी मिलेंगे।

🌱 बीज उत्पादन और संरक्षण पर जोर

बीजों की उत्पादकता बढ़ाने, संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी कार्य हो रहा है। श्री शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में नवगठित राष्ट्रीय कोऑपरेटिव संस्थाएं – NCEL, NCOL और BBSSL, अमूल, नाफेड, इफको और कृभको की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी

💰 NCDC के माध्यम से ₹1.38 लाख करोड़ की सहायता

शाह ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को आधुनिक रूप दिया गया है। इसके तहत अब तक ₹1.38 लाख करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 44 गहरे समुद्री ट्रॉलर कोऑपरेटिव के माध्यम से दिए गए हैं। साथ ही “श्वेत क्रांति 2.0” के माध्यम से डेयरी क्षेत्र को भी सशक्त किया जा रहा है।

🌽 मक्का आधारित इथेनॉल नीति से किसानों को लाभ

भारत सरकार ने मक्का से बने इथेनॉल के दामों में वृद्धि कर किसानों को मक्का के बेहतर दाम दिलवाने का काम किया है। आज देश में वाहनों में 20% तक इथेनॉल का उपयोग हो रहा है, जिससे तेल आयात बिल में कमी आई है।

🏡 गांव-गरीब-युवाओं के लिए सहकारिता ही समाधान

शाह ने कहा कि देश को केवल GDP के आधार पर नहीं, बल्कि हर नागरिक को रोजगार देकर सशक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा:

“सहकारिता ही ऐसा माध्यम है जो कम पूंजी में अधिक रोजगार और लाभ प्रदान कर सकता है।”

🌐 भारत करेगा ‘ग्लोबल सहकारिता वर्ष 2025’ का नेतृत्व

शाह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सहकारी संघ (ICA) ने ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के आयोजन की घोषणा की है, जिसकी शुरुआत भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगी।

उन्होंने कहा कि यह वर्ष सहकारिता को हर गांव, हर राज्य और हर तहसील तक पहुँचाने का संकल्प बनेगा और भारत इसमें दुनिया को नेतृत्व प्रदान करेगा

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *