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नकली उर्वरकों पर सख्ती: केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्यों को दिए निर्देश

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा कदम नकली और घटिया उर्वरकों पर केंद्र सख्त: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों को लिखी चिट्ठी, सख्त कार्रवाई के निर्देश नई दिल्ली। किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण […]

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा कदम

नकली और घटिया उर्वरकों पर केंद्र सख्त: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों को लिखी चिट्ठी, सख्त कार्रवाई के निर्देश

नई दिल्ली। किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर नकली एवं निम्न गुणवत्ता वाले उर्वरकों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह पत्र देशभर में नकली उर्वरकों की बिक्री, सब्सिडी वाले उर्वरकों की कालाबाजारी, जबरन टैगिंग और ऐसी अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से जारी किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस विषय को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय को स्थिर बनाए रखने के लिए गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।

उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन नहीं किया जाए

पत्र में मंत्री चौहान ने स्पष्ट किया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 (जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत आता है) के तहत नकली अथवा निम्न गुणवत्ता वाले उर्वरकों की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध है। इसके बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की गतिविधियों की खबरें मिल रही हैं, जो न केवल किसानों को नुकसान पहुंचा रही हैं बल्कि कृषि उत्पादन को भी प्रभावित कर रही हैं।

राज्यों को दिए गए निर्देश

केंद्रीय मंत्री ने पत्र के माध्यम से राज्यों को निम्नलिखित स्पष्ट निर्देश दिए हैं:

  • किसानों को समय पर और उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।

  • कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री तथा सब्सिडी वाले उर्वरकों के डायवर्जन पर निगरानी रखी जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

  • उर्वरकों के निर्माण और बिक्री की नियमित निगरानी, सैंपलिंग और लैब परीक्षण के जरिए नकली और घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों पर नियंत्रण किया जाए।

  • पारंपरिक उर्वरकों के साथ जबरन नैनो उर्वरक या जैव-उत्तेजक उत्पादों की टैगिंग पर रोक लगाई जाए।

  • दोषी व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, प्राथमिकी दर्ज कराना और कानूनी दंड सुनिश्चित किया जाए।

  • किसानों और किसान संगठनों को निगरानी प्रक्रिया में शामिल करने और उन्हें जागरूक करने के लिए सूचना तंत्र विकसित किया जाए।

राज्यव्यापी अभियान चलाने का आग्रह

केंद्रीय मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से अनुरोध किया है कि वे इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य स्तर पर व्यापक अभियान शुरू करें, जिससे नकली एवं निम्न गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट्स की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य नियमित रूप से इस प्रक्रिया की निगरानी करें, तो यह किसानों के हित में एक दीर्घकालिक और प्रभावी उपाय साबित होगा

यह कदम केंद्र सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें कृषकों की सुरक्षा, उनके आर्थिक हितों की रक्षा, और कृषि में गुणवत्ता की गारंटी को सर्वोपरि माना गया है। नकली उर्वरकों की समस्या पर यह सख्त रुख किसानों के हक में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

चित्र: प्रतीकात्मक

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