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एथनॉल उत्पादन में यूपी नंबर वन, आठ वर्षों में बड़ा निवेश!

ड्रोन दीदी योजना से गन्ना फसल में तकनीकी बढ़त! यूपी में गन्ना व चीनी उद्योग को नई दिशा, शाहजहाँपुर में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न शाहजहाँपुर, – उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी की अध्यक्षता में शाहजहाँपुर स्थित गन्ना शोध परिषद की श्रोतृशाला में प्रदेश […]

ड्रोन दीदी योजना से गन्ना फसल में तकनीकी बढ़त!

यूपी में गन्ना व चीनी उद्योग को नई दिशा, शाहजहाँपुर में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

शाहजहाँपुर, – उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी की अध्यक्षता में शाहजहाँपुर स्थित गन्ना शोध परिषद की श्रोतृशाला में प्रदेश की सहकारी गन्ना समितियों के अध्यक्षों एवं चीनी मिल समितियों के उपाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार, गन्ना आयुक्त, निबंधक, सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक सहित विभागीय अधिकारी एवं शोध वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

बैठक में मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश गन्ना, चीनी, एथनॉल और शीरा उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। पिछले आठ वर्षों में किसानों को ₹2,89,445 करोड़ गन्ना मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान किया गया, जो पिछले 22 वर्षों में हुए ₹2,13,520 करोड़ से ₹75,925 करोड़ अधिक है।

एथनॉल उत्पादन में छलांग, निवेश से उद्योग को गति

मंत्री चौधरी ने बताया कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में प्रतिवर्ष केवल 42 करोड़ लीटर एथनॉल का उत्पादन होता था, जबकि आज यह बढ़कर 180 करोड़ लीटर हो गया है। इससे तेल आयात पर निर्भरता कम हुई है। बीते आठ वर्षों में चीनी उद्योग में ₹6,924 करोड़ का निवेश किया गया है। प्रदेश की कुल जीडीपी में गन्ने का योगदान 4.19% और गन्ना-चीनी का संयुक्त योगदान 8.45% है।

समितियों को बहुआयामी बनाने पर जोर

बैठक में गन्ना समितियों को अपनी संपत्तियों के जीर्णोद्धार, विद्यालयों, महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण का कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही समितियों को लाभांश वितरण, डिजिटलाइजेशन, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, उन्नत बीज संवर्धन, ड्रिप इरीगेशन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

महिला सशक्तिकरण और तकनीकी पहल

राज्य मंत्री श्री संजय सिंह गंगवार ने बताया कि गन्ना विभाग ने महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर गन्ना सीडलिंग उत्पादन में नवाचार किया है। करीब 3,000 महिला समूह प्रतिवर्ष 8-10 करोड़ सीडलिंग तैयार कर रही हैं। इससे 58,000 महिलाएं जुड़ी हैं, जो लाखों रुपये की आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
इसी तरह “ड्रोन दीदी” योजना के तहत 350 ड्रोन से गन्ना फसल पर उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है।

डिजिटलाइजेशन से पारदर्शिता

गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना समितियों में आईटी सेल स्थापित कर दी गई है, जहाँ किसानों को रियल टाइम गन्ना पर्चियां मिल रही हैं। साथ ही बीते 20 वर्षों से लंबित संतुलन पत्र भी अद्यतन किए गए हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने हेतु समितियों की सामान्य निकाय को बजट स्वीकृति और गन्ना सुरक्षा की संस्तुति जैसे अधिकार दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री की प्राथमिकता

बैठक में दोहराया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार गन्ना एवं चीनी उद्योग को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाते हुए सहकारिता से समृद्धि के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।

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