🌧️ खेत तालाब योजना: जल संरक्षण के साथ मछली, मखाना व मोती खेती से बढ़ेगी किसानों की आय!
लखनऊ। किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योगी सरकार द्वारा संचालित खेत तालाब योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत खेतों में तालाब निर्माण कर वर्षा जल संचयन के साथ-साथ मछली पालन, सिंघाड़ा, मखाना एवं मोती की खेती कर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
खेत तालाब न केवल सिंचाई का स्थायी साधन बन रहे हैं, बल्कि सूखा एवं जल संकट की स्थिति में फसलों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य भी कर रहे हैं। संचित वर्षा जल से रबी और जायद की फसलों की सिंचाई सुचारु रूप से की जा सकती है।
🐟 मछली पालन से नियमित आमदनी
खेत तालाबों में रोहू, कतला, नैन जैसी उन्नत प्रजातियों का मछली पालन कर किसान कम लागत में अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
🌰 सिंघाड़ा व मखाना की खेती को बढ़ावा
तालाबों में सिंघाड़ा और मखाना जैसी जल आधारित फसलों की खेती कर किसान अपनी आमदनी को और बढ़ा सकते हैं। बाजार में इन उत्पादों की लगातार बढ़ती मांग किसानों को बेहतर मूल्य दिला रही है।
💎 मोती की खेती से नवाचार
खेत तालाब योजना के अंतर्गत अब किसान मोती की खेती जैसे नवाचारी कार्यों की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं, जिससे सीमित भूमि में भी उच्च मूल्य वाली आय संभव हो पा रही है।
💰 50 प्रतिशत अनुदान की सुविधा
इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाइट agridarshan.gov.up.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान पर खेत तालाब निर्माण की सुविधा दी जा रही है।
🌾 किसानों से अपील
कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश ने किसानों से अपील की है कि वे खेत तालाब योजना का अधिकतम लाभ उठाकर जल संरक्षण के साथ बहु-आय के अवसर अपनाएं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं।

