डिजिटल क्रांति: अब गन्ना बीज की पूरी जानकारी ऑनलाइन, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ !!
📍 लखनऊ | 08 अप्रैल -प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी पहल करते हुए गन्ना विकास विभाग ने पहली बार गन्ना बीज की उपलब्धता से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया है। अब किसान घर बैठे ही अपने नजदीकी क्षेत्र में उपलब्ध गन्ना बीज, किस्म और मात्रा की सटीक जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे।
🌱 बीज की जानकारी अब एक क्लिक पर !!
गन्ना विकास विभाग द्वारा विकसित इस नई ऑनलाइन प्रणाली के तहत किसान विभागीय वेबसाइट पर जाकर “बीज” टैब के माध्यम से अपने आसपास के गन्ना बीज धारक किसानों, सरकारी नर्सरी और नजदीकी चीनी मिलों में उपलब्ध बीज की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस सुविधा के माध्यम से किसान यह भी जान सकेंगे कि किस स्थान पर कौन-सी गन्ना किस्म कितनी मात्रा में उपलब्ध है, जिससे उन्हें समय और संसाधनों की बचत होगी।
📊 पारदर्शिता और बिचौलियों पर रोक !!
इस डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बीज वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और किसानों को बिचौलियों के जाल से बचाना है। अब किसानों को सीधे प्रमाणित और संस्तुत गन्ना किस्मों का ही बीज मिलेगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। 
🌾 उन्नत व रोगरोधी बीज को बढ़ावा !!
गन्ना विभाग की अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता किसानों को स्वस्थ, उन्नत और रोगरोधी गन्ना बीज उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, ताकि किसान अपनी भूमि और जलवायु के अनुसार सही किस्म का चयन कर सकें।
🏭 चीनी मिल और नर्सरी से सीधा संपर्क !!
अब किसान अपने क्षेत्र की नजदीकी चीनी मिलों और सरकारी बीज नर्सरी में उपलब्ध गन्ना बीज की जानकारी भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें बीज के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय पर बुवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
☎️ समस्या होने पर हेल्पलाइन की सुविधा !!
यदि किसी किसान को ऑनलाइन पोर्टल इस्तेमाल करने में कठिनाई होती है, तो वे विभाग द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक से सहायता ले सकते हैं।
🚜 सरकार का बड़ा कदम !!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी व राज्य मंत्री संजय गंगवार के मार्गदर्शन में यह पहल किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल बीज उपलब्धता आसान होगी, बल्कि गन्ना उत्पादन में भी गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ेगी।

