77वें गणतंत्र दिवस पर MAITRIs और AHIDF लाभार्थियों से सरकार का सीधा संवाद, पशुधन क्षेत्र को नई दिशा देने पर जोर!
देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने पशुधन क्षेत्र से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं और उद्यमियों को सम्मान देने तथा उनसे सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से आए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लगभग 350 MAITRIs (मल्टीपर्पज़ आर्टिफिशियल इंसीमिनेशन टेक्नीशियन इन रूरल इंडिया) और पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (AHIDF) के लाभार्थियों ने अपने परिवारजनों के साथ भाग लिया।
इस अवसर पर मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (MoFAH&D) तथा पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) के केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) के सचिव और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। संवाद सत्र के दौरान मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले MAITRIs और AHIDF लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
जमीनी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि MAITRIs और AHIDF लाभार्थी पशुधन क्षेत्र की रीढ़ हैं, जो गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनके प्रयासों से न केवल पशुधन उत्पादकता में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। मंत्री ने जमीनी स्तर पर इनके समर्पण, परिश्रम और नवाचार की खुले शब्दों में प्रशंसा की।
प्रमुख सरकारी योजनाओं पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण में राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), राष्ट्रीय गोकुल मिशन, पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) और पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (AHIDF) जैसी प्रमुख योजनाओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से पशुधन की नस्ल सुधार, रोग नियंत्रण, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और निजी निवेश को बढ़ावा मिला है।
आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर
राजीव रंजन सिंह ने पशुधन क्षेत्र में सेक्स सॉर्टेड सीमेन (SSS) और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) जैसी आधुनिक प्रजनन तकनीकों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन नवाचारों से उच्च दुग्ध उत्पादक नस्लों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि संभव होगी। उन्होंने सभी हितधारकों से इन तकनीकों को व्यापक स्तर पर अपनाने का आग्रह किया।
‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प
केंद्रीय मंत्री ने MAITRIs, उद्यमियों और अन्य हितधारकों से आह्वान किया कि वे मंत्रालय के साथ मिलकर क्षेत्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भूमिका निभाएं और ‘विकसित भारत’ व ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को साकार करने में योगदान दें।
विभागीय सचिव ने साझा की प्रगति रिपोर्ट
कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) के सचिव नरेश पाल गंगवार ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पशुधन और डेयरी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीक, निवेश और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस संवादात्मक सत्र में मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव (CDD) सुश्री वर्षा जोशी, अतिरिक्त सचिव (पशुधन स्वास्थ्य) रामाशंकर सिन्हा, पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्पा, सलाहकार (सांख्यिकी) जगत हज़ारिका सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और मंत्रालय के साथ सुझाव भी रखे।
कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाना था, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर संवाद स्थापित कर पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाना भी रहा।

