कृषि विज्ञान केंद्र पोकरण का कुलसचिव डॉ. देवा राम सैनी ने निरीक्षण किया।
बीज उत्पादन, प्राकृतिक खेती और समन्वित कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने पर दिया जोर।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक खेती जरूरी। 🌾🚜
बीकानेर/पोकरण –स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलसचिव डॉ. देवा राम सैनी ने पोकरण स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने केन्द्र के फार्म पर संचालित विभिन्न कृषि एवं पशुपालन आधारित इकाइयों का निरीक्षण किया।
बीज उत्पादन एवं कृषि नवाचारों का अवलोकन
कुलसचिव ने बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत जीरा, इसबगोल, सरसों, खजूर एवं थार शोभा फसलों के साथ-साथ सब्जी तकनीकी, वर्मी-कंपोस्ट, न्यूट्री गार्डन, क्रॉप कैफेटेरिया, प्राकृतिक खेती आधारित चना पैदावार एवं कुक्कट पालन इकाई का विस्तार से जायजा लिया।
केन्द्र की गतिविधियों की सराहना
निरीक्षण के दौरान डॉ. सैनी ने केन्द्र द्वारा संचालित समस्त गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कार्यों की सराहना की और गुणवत्ता सुधार हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों के हित में कार्य करते हुए उन्हें वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती करने के लिए प्रेरित करे तथा गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए।
नवीन अनुसंधान के प्रसार पर जोर
कुलसचिव ने कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से नवीनतम कृषि अनुसंधानों को क्षेत्र के किसानों तक पहुँचाने पर बल दिया, ताकि किसान उनसे प्रेरित होकर अपने खेतों में समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाएं। उन्होंने कहा कि किसानों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों को निरंतर मेहनत करनी होगी।
केवीके के उद्देश्यों की पूर्ति पर बल
डॉ. सैनी ने कहा कि जब वैज्ञानिक किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे, तभी कृषि विज्ञान केन्द्र का उद्देश्य पूर्ण होगा। इस अवसर पर केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दशरथ प्रसाद ने केन्द्र की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
वैज्ञानिक रहे उपस्थित
भ्रमण के दौरान सस्य वैज्ञानिक कृष्ण गोपाल व्यास, पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. राम निवास तथा प्रसार वैज्ञानिक सुनील कुमार शर्मा उपस्थित रहे।

