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80 करोड़ की अगरवुड योजना, किसानों की किस्मत बदलेगी!

पीएम मोदी के नेतृत्व में अगरवुड क्षेत्र बनेगा ‘लोकल टू ग्लोबल’ का सशक्त उदाहरण: ज्योतिरादित्य सिंधिया अगरतला/फुलकाबारी (त्रिपुरा)।-केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्रिपुरा और असम के तीन दिवसीय दौरे के दौरान त्रिपुरा के उत्तर फुलकाबारी में 80 करोड़ रुपये की अगरवुड मूल्य श्रृंखला विकास योजना की आधारशिला रखी। इस अवसर […]

पीएम मोदी के नेतृत्व में अगरवुड क्षेत्र बनेगा ‘लोकल टू ग्लोबल’ का सशक्त उदाहरण: ज्योतिरादित्य सिंधिया

अगरतला/फुलकाबारी (त्रिपुरा)।-केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्रिपुरा और असम के तीन दिवसीय दौरे के दौरान त्रिपुरा के उत्तर फुलकाबारी में 80 करोड़ रुपये की अगरवुड मूल्य श्रृंखला विकास योजना की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के विज़न के तहत अगरवुड क्षेत्र ‘लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक मजबूत पहचान बनाएगा।

विकसित पूर्वोत्तर के विज़न को मिल रही नई गति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में पूर्वोत्तर भारत की विशिष्ट क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी यह यात्रा भी इसी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत क्षेत्र में कई विकासात्मक पहलों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

त्रिपुरा और असम हैं अगरवुड उत्पादन के प्रमुख केंद्र

सिंधिया ने बताया कि भारत की अगरवुड उत्पादन क्षमता मुख्य रूप से त्रिपुरा और असम में केंद्रित है। 80 करोड़ रुपये की यह योजना दोनों राज्यों की क्षमताओं को नई ऊर्जा देगी और उत्पादन, प्रसंस्करण व विपणन को एकीकृत रूप से सशक्त बनाएगी।

खेत से वैश्विक बाजार तक मजबूत होगी पूरी मूल्य श्रृंखला

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों के खेतों में लगे अगरवुड के पेड़ों से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकने वाले इत्र और तेल तक, पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी।
योजना के अंतर्गत दो केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र (CPC) स्थापित किए जाएंगे—एक असम के गोलाघाट में और दूसरा त्रिपुरा में। ये केंद्र आधुनिक प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा देंगे तथा बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाएंगे।

जीआई टैग, डिजिटल प्लेटफॉर्म से ग्लोबल पहुंच

अगरवुड क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं।

  • अगरवुड के लिए भौगोलिक संकेत (GI) टैग की प्रक्रिया जारी है

  • निर्यात कोटा में छह गुना वृद्धि की गई है

  • अगरवुड चिप्स का निर्यात 25,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 1.5 लाख किलोग्राम

  • अगरवुड तेल का निर्यात 1,500 किलोग्राम से बढ़ाकर 7,500 किलोग्राम किया गया

  • साइट्स और अनुमतियों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी उपायों का उद्देश्य किसानों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ना है।

फुलकाबारी: ‘वोकल फॉर लोकल’ और ODOP का जीवंत उदाहरण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फुलकाबारी का अगरवुड क्षेत्र प्रधानमंत्री मोदी के ‘लोकल से वोकल’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण है।
भारत में लगभग 15 करोड़ अगरवुड के पेड़ हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत पूर्वोत्तर राज्यों में स्थित हैं। इस योजना से त्रिपुरा की उत्पादन क्षमता में 50 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है।

त्रिपुरा में 2,000 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार की संभावना

सिंधिया ने विश्वास जताया कि अगले 3–4 वर्षों में त्रिपुरा का अगरवुड बाजार 2,000 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार की क्षमता हासिल कर सकता है। किसानों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने के लिए क्रेता-विक्रेता बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कतर के खरीदारों के साथ हुई हालिया बैठक का उदाहरण भी साझा किया।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर त्रिपुरा की ओर कदम

अपने संबोधन के समापन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच का परिणाम है, जिसमें हर राज्य की विशिष्ट ताकत को पहचान कर उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाया जा रहा है। त्रिपुरा सरकार के सहयोग से अगरवुड क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और राज्य आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नया मानक स्थापित करेगा।