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यूपी: गन्ना बुवाई में रिकॉर्ड तेजी, 60% लक्ष्य पूरा

गन्ना बुवाई में तेजी, लक्ष्य का 60% पूरा: किसानों के सहयोग को आगे आएं चीनी मिलें—गन्ना मंत्री !! लखनऊ, 02 अप्रैल – उत्तर प्रदेश में बसंतकालीन गन्ना बुवाई अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। इस सत्र के लिए निर्धारित 14.48 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले अब तक 8.71 लाख हेक्टेयर (लगभग 60%) क्षेत्र में बुवाई […]

गन्ना बुवाई में तेजी, लक्ष्य का 60% पूरा: किसानों के सहयोग को आगे आएं चीनी मिलें—गन्ना मंत्री !!

लखनऊ, 02 अप्रैल – उत्तर प्रदेश में बसंतकालीन गन्ना बुवाई अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। इस सत्र के लिए निर्धारित 14.48 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले अब तक 8.71 लाख हेक्टेयर (लगभग 60%) क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है। यह प्रगति पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है, जब इसी अवधि तक केवल 7.50 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। गन्ना मंत्री ने चीनी मिलों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों की हर संभव मदद करें और लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा कराएं।

डिजिटल बीज प्रबंधन से पारदर्शिता, किसानों को सीधा लाभ !!

इस बार पहली बार गन्ना बीज व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए 6.90 करोड़ कुंतल शुद्ध बीज आरक्षित कर ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है।

किसानों को SMS और पोर्टल के माध्यम से बीज उपलब्धता की जानकारी

एक क्लिक पर नजदीकी किसान से बीज प्राप्त करने की सुविधा

बिचौलियों की भूमिका कम होने से लागत में कमी

👉 यह पहल बीज वितरण में पारदर्शिता लाकर छोटे किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है।

नई उन्नत गन्ना किस्में: अधिक उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता !!

किसानों को उच्च उत्पादकता देने के लिए कई नई किस्में जारी की गई हैं, जैसे—

को.शा.18231, को.शा.17231, को.लख.16201, को.0118, को.15023, को.से.17451 आदि।

विशेषताएं:

अधिक उपज

बेहतर शर्करा (रिकवरी)

रोग प्रतिरोधक क्षमता

👉 कृषि विशेषज्ञ सलाह:

किसान अपनी क्षेत्रीय जलवायु के अनुसार प्रमाणित किस्मों का चयन करें और बीज उपचार अवश्य करें।

‘सीड ट्रैक एंड ट्रेस’ ऐप से बीज वितरण पर नजर !!

बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए “सीड ट्रैक एंड ट्रेस ऐप” विकसित किया जा रहा है।

बीज वितरण की ऑनलाइन निगरानी

अनियमितताओं पर नियंत्रण

गुणवत्ता सुनिश्चित

महिला सशक्तिकरण: 60 हजार महिलाएं बना रहीं गन्ना नर्सरी !!

प्रदेश में 3,184 स्वयं सहायता समूहों की करीब 60,000 महिलाएं गन्ना नर्सरी तैयार कर रही हैं।

रोजगार के अवसर

अतिरिक्त आय का स्रोत

महिला किसानों को प्राथमिकता

पहली बार 1.48 लाख छोटी जोत वाली महिला किसानों को गन्ना आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई।

चीनी मिलों को सख्त निर्देश, 94 करोड़ का बजट स्वीकृत !!

गन्ना मंत्री ने मिलों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को बीज ,परिवहन ,उर्वरक व कीटनाशक, कृषि यंत्र उपलब्ध कराएं। इसके लिए 94 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

तकनीक का बढ़ता उपयोग: सैटेलाइट और ड्रोन से निगरानी !!

गन्ना क्षेत्रफल की पुष्टि के लिए सैटेलाइट आधारित सर्वे फसल रोग पहचान के लिए अध्ययन कृषि ड्रोन से छिड़काव तेज और सटीक विशेष टिप्पणी: इससे उत्पादन लागत घटेगी और फसल की निगरानी आसान होगी।

मशीनीकरण पर जोर: हार्वेस्टर और मशीनरी बैंक !!

148 मशीनरी बैंक स्थापित

979 कृषि यंत्र उपलब्ध

जल्द ही मिनी केन हार्वेस्टर और ड्रोन शामिल होंगे

इससे कटाई, छिलाई और ढुलाई की समस्या में कमी आएगी।

चीनी उद्योग में निवेश और विस्तार !!

121 चीनी मिलें संचालित

64 मिलों में 2000 मेगावाट कोजनरेशन

53 मिलों में एथनॉल प्लांट (258.67 करोड़ लीटर क्षमता)

9 वर्षों में 1.24 लाख TCD अतिरिक्त पेराई क्षमता

नई पहल:

CBG प्लांट

बायोप्लास्टिक यूनिट

पोटेशियम सल्फेट उत्पादन (विश्व का पहला संयंत्र)

रिकॉर्ड गन्ना भुगतान से मजबूत हुई किसानों की अर्थव्यवस्था !!

प्रदेश सरकार ने अब तक 3.19 लाख करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया है, जो पिछली सरकारों की तुलना में काफी अधिक है।

इससे किसानों की आय और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

चीनी उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी, 858 लाख कुंतल गन्ने की पेराई, 87.56 लाख टन चीनी उत्पादन बिक्री: 73.17 लाख कुंतल से बढ़कर 97.3 लाख कुंतल बेहतर बाजार प्रबंधन से मिलों की साख मजबूत हुई और भुगतान तेज हुआ।

सारांश: कृषि-उद्योग समन्वय से बनेगा ‘शुगर मॉडल’ !!

प्रदेश में गन्ना खेती और चीनी उद्योग के बीच बेहतर समन्वय, डिजिटल प्रबंधन, महिला भागीदारी और तकनीकी हस्तक्षेप एक सस्टेनेबल शुगर इकोसिस्टम की ओर संकेत कर रहे हैं। यदि यही गति बनी रही तो उत्तर प्रदेश देश में गन्ना उत्पादन और एथनॉल अर्थव्यवस्था का अग्रणी मॉडल बन सकता है।