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आधुनिक मंडी से e-NAM तक, बदलेगा बिहार का कृषि बाज़ार

पटना में कृषि विपणन पर कार्यशाला, किसानों को उचित मूल्य दिलाने का संकल्प दोहराया पटना। बिहार में कृषि विपणन को सशक्त बनाने और किसानों को उनकी उपज का पूरा एवं उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से आज पटना में “बिहार में कृषि विपणन: चुनौतियाँ और समाधान” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। […]

पटना में कृषि विपणन पर कार्यशाला, किसानों को उचित मूल्य दिलाने का संकल्प दोहराया

पटना। बिहार में कृषि विपणन को सशक्त बनाने और किसानों को उनकी उपज का पूरा एवं उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से आज पटना में “बिहार में कृषि विपणन: चुनौतियाँ और समाधान” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला को माननीय मंत्री राम कृपाल यादव जी ने संबोधित किया।

अपने संबोधन में मंत्री श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कृषि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि सही बाज़ार, उचित मूल्य और आधुनिक सुविधाएँ किसानों की समृद्धि की कुंजी हैं।

किसानों के हित में प्रमुख प्राथमिकताएं

कार्यशाला के दौरान मंत्री ने कृषि विपणन को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया—

  • आधुनिक मंडियों एवं ग्रामीण हाटों का विकास ताकि किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर विपणन सुविधाएँ मिल सकें।

  • प्रत्येक प्रखंड में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था, जिससे फसल की बर्बादी रुके और किसान सही समय पर बेहतर दाम प्राप्त कर सकें।

  • e-NAM के माध्यम से राष्ट्रीय बाज़ार से सीधा जुड़ाव, जिससे किसानों को देशभर के खरीदारों तक सीधी पहुँच मिल सके।

  • ‘ब्रांड बिहार’ के तहत मखाना, लीची एवं शहद को ग्लोबल पहचान, ताकि बिहार के विशिष्ट कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अपनी मजबूत पहचान बना सकें।

कृषि विपणन में सुधार पर जोर

मंत्री यादव ने कहा कि बिहार में कृषि विपणन की चुनौतियों का समाधान समन्वित प्रयासों से ही संभव है। इसके लिए सरकार, किसान, सहकारी संस्थाएँ और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित सुधारों से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।

कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों, अधिकारियों, किसान प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने भी अपने विचार साझा किए और कृषि विपणन को और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए।

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