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उत्तर प्रदेश में कृषि और किसानों के लिए बड़ी उपलब्धियां

आठ वर्षों में कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव: योगी सरकार लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत धनराशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किसानों तक पहुंच रही है। […]

आठ वर्षों में कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव: योगी सरकार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत धनराशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किसानों तक पहुंच रही है।

सिंचाई और कृषि क्षेत्र में विकास

प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। कई वर्षों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पुनः शुरू किया गया, जिससे बीते 8 वर्षों में 23 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा मिली है। कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक नए कृषि विश्वविद्यालय और 20 नए कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना की गई है, जिससे उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

चीनी उद्योग में सुधार
प्रतीकात्मक चित्र

2017 से पहले प्रदेश का चीनी उद्योग संकट में था, कई मिलें बंद होने के कगार पर थीं और गन्ना किसानों का हजारों करोड़ रुपये बकाया था। सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए तीन नई चीनी मिलों की स्थापना की, छह बंद चीनी मिलों को पुनः संचालित किया और 38 मिलों का विस्तार किया। वर्तमान में प्रदेश में 122 चीनी मिलें सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

गन्ना किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 2017 से अब तक 2.80 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पिछली सरकारों के 22 वर्षों के कुल भुगतान से 60 हजार करोड़ रुपये अधिक है।

नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली आपूर्ति

पीएम कुसुम योजना के तहत 86,000 किसानों के जीवन में सौर ऊर्जा के माध्यम से बदलाव लाया गया। 14 लाख निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली देकर किसानों की आमदनी बढ़ाने का कार्य किया गया।

अनाज क्रय और डीबीटी भुगतान

2017 से 2023 तक गेहूं खरीद में ढाई गुना वृद्धि हुई, जिसके तहत 43,424 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, धान क्रय के लिए 88,746 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से किसानों को दिए गए।

बाढ़ सुरक्षा और पशुपालन में सुधार

प्रदेश सरकार ने 32 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बाढ़ से बचाने के लिए योजनाएं लागू कीं। निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए 7,700 से अधिक गो आश्रय स्थलों में 12.50 लाख से अधिक गोवंश की देखभाल की जा रही है। साथ ही, सहभागिता योजना के तहत 1.05 लाख पशुपालकों को 1.63 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए, जिनके भरण-पोषण के लिए सरकार प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रति माह का भुगतान कर रही है।

सरकार की इन पहलों से प्रदेश में किसानों और कृषि क्षेत्र को व्यापक लाभ मिल रहा है।

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