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- सिंचाई के तरीके

हर खेत को पानी के साथ ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ का लक्ष्य

“हर खेत को पानी” बढ़ेगी किसानों की खुशहाली लखनऊ, 27 मार्च: किसानों की खुशहाली के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। “हर खेत को पानी” योजना के तहत अब “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन करने […]

“हर खेत को पानी” बढ़ेगी किसानों की खुशहाली

लखनऊ, 27 मार्च: किसानों की खुशहाली के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। “हर खेत को पानी” योजना के तहत अब “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन करने के उद्देश्य से योगी सरकार स्प्रिंकलर और ड्रिप जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को प्रोत्साहित कर रही है। सरकार इन विधाओं पर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान भी प्रदान कर रही है, जिससे लाखों किसानों को लाभ मिल रहा है।

ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के लाभ

  • कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव
  • भूजल स्तर बचाने में सहायक
  • ऊर्जा की बचत
  • फसल को सही मात्रा में पानी मिलने से बेहतर उत्पादन
  • असमतल भूमि पर भी सिंचाई संभव

इन आधुनिक प्रणालियों के उपयोग से किसानों की आय में वृद्धि होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य भी यही है कि किसानों को अधिक लाभ मिले और वे समृद्ध बनें।

इसराइल का सहयोग

आधुनिक सिंचाई विधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार इजराइल से सहयोग ले रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और इजराइली राजदूत के बीच इस विषय पर चर्चा हो चुकी है। कुछ ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बुंदेलखंड में खास पहल

बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है। तीन स्प्रिंकलर परियोजनाओं (मसगांव चिल्ली – हमीरपुर, कुलपहाड़ – महोबा, शहजाद – ललितपुर) पर काम किया जा रहा है। भविष्य में अन्य सिंचाई परियोजनाओं को भी स्प्रिंकलर से जोड़ा जाएगा। खेत-तालाब योजना के तहत बने तालाबों को भी स्प्रिंकलर से जोड़ा जाएगा।

सिंचाई क्षमता में विस्तार

प्रधानमंत्री सिंचाई परियोजना के तहत योगी सरकार ने सरयू नहर परियोजना, अर्जुन सहायक परियोजना और बाण सागर परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया है। 2017 में प्रदेश में सिंचित क्षेत्र 82.58 लाख हेक्टेयर था, जो आठ वर्षों में बढ़कर 133 लाख हेक्टेयर हो गया। इससे लगभग 185.33 लाख किसान लाभान्वित हुए।

नए प्रोजेक्ट पर तेजी से काम

मध्य गंगा नहर परियोजना फेज-2, कनहर सिंचाई परियोजना और रोहिन नदी पर महराजगंज में बैराज निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इनसे करीब 5 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजित होगी और सात लाख किसानों को लाभ मिलेगा।

नदी जोड़ो परियोजना के तहत केन-बेतवा लिंक परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसके पूरा होने पर झांसी, महोबा, बांदा और ललितपुर में 2.51 लाख हेक्टेयर खेतों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को पूरा करने के लिए 25 दिसंबर को इस परियोजना का शिलान्यास किया था। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।

सरकार की इन पहलों से प्रदेश में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं और किसानों को अधिक लाभ मिल रहा है।

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