भारत–रूस कृषि सहयोग पर नई सहमति: द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, अनुसंधान मजबूत करने और नई संभावनाओं पर जोर
नई दिल्ली, – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने को Krishi Bhawan में रूस की कृषि मंत्री एच.ई. सुश्री ओक्साना लुत के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में दोनों देशों ने कृषि व्यापार बढ़ाने, अनुसंधान सहयोग मजबूत करने और उभरते क्षेत्रों में नई संभावनाओं की व्यापक समीक्षा की।
भारत–रूस कृषि व्यापार को मिलेगी नई गति
बैठक के दौरान मंत्रियों ने भारत–रूस संबंधों को “विश्वास, मित्रता और परस्पर सहयोग” पर आधारित बताया। चौहान ने कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार लगभग 3.5 अरब डॉलर का है, जिसे और अधिक संतुलित और व्यापक बनाने की आवश्यकता है। 
उन्होंने भारतीय आलू, अनार और बीजों के निर्यात से जुड़े लंबित मुद्दों को हल करने के लिए रूस का आभार जताया और खाद्यान्न एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात में नई संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया।
ICAR और रूस के Federal Center for Animal Health के बीच MoU
बैठक के दौरान ICAR और रूस के Federal Center for Animal Health के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता कृषि अनुसंधान, नवाचार, क्षमता निर्माण, और उन्नत तकनीकों पर सामूहिक कार्य को और मजबूती देगा।
BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक में शामिल होने का निमंत्रण
चौहान ने रूस को अगले वर्ष भारत में आयोजित होने वाली BRICS Agriculture Ministers’ Meeting में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
दोनों देशों ने उर्वरक, बीज, बाजार पहुंच, कृषि व्यापार और संयुक्त अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। सुश्री लुत ने कृषि क्षेत्र में व्यापार बढ़ाने और सहयोग को आगे बढ़ाने में गहरी रुचि व्यक्त की।
उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति
रूसी प्रतिनिधिमंडल में उप मंत्री मैक्सिम मार्कोविच, मारिना अफोनिना, सेर्गेई डैंकवर्ट (FSVPS प्रमुख) और डारिया कोरोलेवा, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भारत की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव देवेश चतुर्वेदी, DARE सचिव, एम.एल. जाट उर्वरक विभाग के सचिव राजत कुमार मिश्रा, विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि, और DA&FW के संयुक्त सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

