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अमित शाह का बड़ा ऐलान: किसानों के लिए डेयरी में नए अवसर

गांव से ग्लोबल तक: डेयरी सहकारिता का नया दौर नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में “डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी पर कार्यशाला” का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पलायन की समस्या का समाधान करने और छोटे किसानों की समृद्धि के लिए डेयरी एक महत्वपूर्ण विकल्प […]

गांव से ग्लोबल तक: डेयरी सहकारिता का नया दौर

नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में “डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी पर कार्यशाला” का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पलायन की समस्या का समाधान करने और छोटे किसानों की समृद्धि के लिए डेयरी एक महत्वपूर्ण विकल्प है। मोदी सरकार ‘सहकार से शक्ति, सहयोग और समृद्धि’ के तीन सूत्रों के साथ-साथ ‘Profit for People’ के मंत्र को साकार कर रही है।

फार्म से फैक्ट्री तक की सम्पूर्ण श्रृंखला गाँव में स्थापित करने पर जोर

शाह ने कहा कि वर्तमान समय में फार्म से फैक्ट्री तक की सम्पूर्ण श्रृंखला गाँव में ही स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने गुजरात में माइक्रो एटीएम मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मॉडल से प्रदेश के पशुपालकों को अभूतपूर्व लाभ मिल रहा है और इसे नाबार्ड के माध्यम से देश के हर जिले तक पहुंचाया जाना चाहिए।

श्वेत क्रांति 2.0 का लक्ष्य

अमित शाह ने श्वेत क्रांति 2.0 के तहत हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में एक राज्यस्तरीय संघ और देश के 80% जिलों में दुग्ध संघ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 का मुख्य उद्देश्य सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी को बढ़ावा देना है।

डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी को बढ़ावा देने की पहल

कार्यक्रम के दौरान डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी पर मार्गदर्शिका का विमोचन किया गया। साथ ही, छोटी और बड़ी बायोगैस संपीड़ित परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता योजनाएं भी शुरू की गईं। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और Sustain Plus परियोजना की भी शुरुआत की गई।

सहकारिता को बढ़ावा देने पर बल

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता का उद्देश्य सिर्फ लाभ कमाना नहीं, बल्कि ‘People First’ की अवधारणा को अपनाना भी है। उन्होंने कहा कि जैविक खाद के शत-प्रतिशत दोहन के लिए जिला स्तर के दुग्ध संघों और ग्रामीण डेयरियों को उन किसानों को सहकारिता से जोड़ना चाहिए, जो अभी तक निजी डेयरी कंपनियों से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कार्बन क्रेडिट को सहकारी मॉडल का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके।

गुजरात का सहकारी बैंकिंग मॉडल और डेयरी क्षेत्र

गुजरात में 93% सहकारी संस्थाओं के खाते सहकारी बैंकों में खुले हैं, जिससे सहकारी बैंकों को मजबूती मिली है। शाह ने सुझाव दिया कि माइक्रो एटीएम मॉडल को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए, जिससे पशुपालकों को सीधे लाभ मिले।

महिला सशक्तिकरण में डेयरी सहकारिता की भूमिका

अमित शाह ने बताया कि वर्तमान में डेयरी सहकारिता क्षेत्र में 72% महिलाएं कार्यरत हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र महिलाओं के रोजगार और सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रहा है।

कार्यशाला में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

यह कार्यशाला भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से आयोजित की गई। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल एवं श्री जॉर्ज कुरियन, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय की सचिव श्रीमती अलका उपाध्याय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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