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- कृषि समाचार

गणतंत्र दिवस पर पूसा संस्थान में 500 किसानों का भ्रमण

आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित हुए किसान नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर देशभर से आमंत्रित 500 किसानों ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा), नई दिल्ली का भ्रमण किया। यह आयोजन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की पहल पर किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिकतम कृषि तकनीकों की जानकारी देना और […]

आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित हुए किसान

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर देशभर से आमंत्रित 500 किसानों ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा), नई दिल्ली का भ्रमण किया। यह आयोजन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की पहल पर किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिकतम कृषि तकनीकों की जानकारी देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।

कार्यक्रम में शामिल किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, और किसान उत्पादक समूह जैसी योजनाओं के लाभार्थी थे। इस भ्रमण में किसानों को कृषि अनुसंधान संस्थान के 16 क्लस्टरों का दौरा कराया गया, जिनमें ग्रीनहाउस, वर्टीकल खेती, हाइड्रोपोनिक्स, टपक सिंचाई, और ड्रोन तकनीक के प्रदर्शन शामिल थे।

ड्रोन तकनीक का  प्रदर्शन..
कार्यक्रम में श्रीमती अंजुल त्यागी और उनकी टीम ने फसलों पर ड्रोन के माध्यम से छिड़काव का लाइव प्रदर्शन किया, जिसने किसानों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस तकनीक को देखकर किसानों ने इसे अपने खेती के तरीकों में अपनाने की उत्सुकता जताई।

विभिन्न क्लस्टरों का भ्रमण..
किसानों ने संस्थान के मशरूम इकाई, सरसों प्रक्षेत्र, गेहूं पोषण प्रबंधन प्रक्षेत्र, सब्जी नर्सरी, और जल प्रौद्योगिकी केंद्र का भी दौरा किया। वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों ने किसानों को इन तकनीकों के उपयोग और उनके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

किसानों ने दिखाया उत्साह..
इस कार्यक्रम में महिला, बुजुर्ग और युवा किसान शामिल हुए। उन्होंने न केवल वैज्ञानिकों के साथ चर्चा की, बल्कि नई तकनीकों को सीखने में भी गहरी रुचि दिखाई।

कार्यक्रम का संचालन..
इस आयोजन की योजना कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक (प्रसार) डॉ. आर.एन. पडारिया द्वारा तैयार की गई थी। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. ए.के. सिंह, प्रभारी, कृषि प्रौद्योगिकी आकलन एवं स्थानांतरण केंद्र (कैटेट) ने किया।

सारांश..
किसानों के लिए यह भ्रमण एक सीखने का अनूठा अवसर साबित हुआ। आधुनिक तकनीकों और प्रौद्योगिकी से परिचित होकर उन्होंने इसे अपने खेती के तरीकों में शामिल करने की इच्छा जताई। यह पहल भारतीय कृषि को अधिक उन्नत और उत्पादक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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