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औषधीय पौधों के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

शतावरी – महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष मंत्रालय का विशेष अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने और विकसित भारत के पंच प्राण लक्ष्य को प्राप्त करने में शतावरी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी:  प्रतापराव जाधव, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से  […]

शतावरी – महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष मंत्रालय का विशेष अभियान

महिलाओं के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने और विकसित भारत के पंच प्राण लक्ष्य को प्राप्त करने में शतावरी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी:  प्रतापराव जाधव, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय

औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से  आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  प्रतापराव जाधव ने “शतावरी – बेहतर स्वास्थ्य के लिए” नामक एक विशेष प्रजाति-केंद्रित अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) के सीईओ डॉ. महेश कुमार दाधीच और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में प्रतापराव जाधव ने आयुष मंत्रालय द्वारा पिछले दशक में की गई महत्वपूर्ण प्रगति को रेखांकित किया और शतावरी के बारे में जागरूकता बढ़ाने की इस पहल की सराहना की। उन्होंने एनएमपीबी द्वारा पूर्व में आंवला, मोरिंगा, गिलोय और अश्वगंधा पर चलाए गए सफल अभियानों का भी उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य पूरे देश में औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों का प्रचार-प्रसार करना रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बताए गए पंच प्राण लक्ष्य का जिक्र करते हुए शतावरी की प्रासंगिकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की है, और इस मिशन के तहत शतावरी को महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ाने में एक प्रमुख संसाधन के रूप में देखा जा रहा है।

औषधीय पौधों के संरक्षण और सतत विकास पर जोर

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने एनएमपीबी की उपलब्धियों और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने से जुड़े प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने औषधीय पौधों के संरक्षण, विकास और सतत प्रबंधन के लिए चलाई जा रही केंद्रीय क्षेत्र योजना की जानकारी भी साझा की, जो शतावरी सहित अन्य महत्वपूर्ण औषधीय पौधों की दीर्घकालिक खेती और संरक्षण को सुनिश्चित करने से जुड़ी है।

एनएमपीबी के सीईओ डॉ. महेश कुमार दाधीच ने विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य में शतावरी के औषधीय महत्व को रेखांकित किया और इस पौधे की कृषि-आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान को समर्थन देने और शतावरी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पात्र संगठनों को ₹18.9 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

शतावरी, जो अपने अद्वितीय स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है, विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है। इस अभियान के माध्यम से इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसके लाभों से अवगत हो सकें।

यह पहल आयुष मंत्रालय के पारंपरिक चिकित्सा और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और भारत में समग्र स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने की दिशा में एक और सशक्त कदम साबित होगी।

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