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शाहजहांपुर में गन्ना कटाई का आधुनिक समाधान, मिनी केन हारवेस्टर

किसानों के हित में गन्ना कटाई-छिलाई हेतु ‘मिनी केन हारवेस्टर’ का प्रदर्शन शाहजहांपुर -उत्तर प्रदेश  में गन्ना खेती को आधुनिक, श्रम-संरक्षणकारी एवं लागत-प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गन्ना शोध प्रक्षेत्र में गन्ना कटाई एवं छिलाई के लिए उन्नत कृषि यंत्र ‘मिनी केन हारवेस्टर’ का सजीव प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान […]

किसानों के हित में गन्ना कटाई-छिलाई हेतु ‘मिनी केन हारवेस्टर’ का प्रदर्शन

शाहजहांपुर -उत्तर प्रदेश  में गन्ना खेती को आधुनिक, श्रम-संरक्षणकारी एवं लागत-प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गन्ना शोध प्रक्षेत्र में गन्ना कटाई एवं छिलाई के लिए उन्नत कृषि यंत्र ‘मिनी केन हारवेस्टर’ का सजीव प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान यंत्रीकृत तकनीक से गन्ना कटाई एवं छिलाई की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया, जिसे किसानों एवं अधिकारियों ने अत्यंत उपयोगी और व्यवहारिक बताया।

वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

सजीव प्रदर्शन कार्यक्रम में निदेशक वी.के. शुक्ल एवं अपर गन्ना आयुक्त (समितियाँ) डॉ. बी.बी. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्रमिकों की कमी एवं लगातार बढ़ती मजदूरी को देखते हुए गन्ना कटाई-छिलाई में मशीनीकरण आवश्यक हो गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिनी केन हारवेस्टर’ के प्रयोग से श्रमिकों पर निर्भरता कम होगी, समय की बचत होगी और किसानों की उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही गन्ना कटाई की गुणवत्ता में भी सुधार होगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

तीन परिक्षेत्रों के अधिकारियों व किसानों की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में मुरादाबाद, लखनऊ एवं बरेली परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी, सम्भागीय विज्ञापन अधिकारी, शोध वैज्ञानिक, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक तथा गन्ना समितियों के सचिवों ने प्रतिभाग किया।
इसके अतिरिक्त तीनों परिक्षेत्रों की गन्ना समितियों के चेयरमेन, चीनी मिलों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील गन्ना कृषक भी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने यंत्रीकृत गन्ना कटाई प्रणाली को समयानुकूल, व्यवहारिक और किसानों के लिए लाभकारी बताया।

शोध प्रक्षेत्र भ्रमण बना आकर्षण का केंद्र

सजीव प्रदर्शन के साथ-साथ शोध प्रक्षेत्र का भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान नवीन विकसित उन्नत गन्ना किस्मों का अवलोकन कराया गया।
साथ ही गन्ने के साथ की जा रही अन्तःफसली खेती—जैसे आलू, गेंदा, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज, सब्जी मटर, मसूर, सरसों एवं लहसुन—को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। यह व्यवस्था अतिरिक्त आय अर्जन, भूमि की उर्वरता बनाए रखने एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग की दृष्टि से प्रतिभागियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही।

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कृषि विशेषज्ञों ने कृषकों को बताया कि आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत गन्ना किस्मों एवं वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर न केवल गन्ना उत्पादन में वृद्धि संभव है, बल्कि किसानों की आय में भी सतत बढ़ोतरी की जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में किसानों से आह्वान किया गया कि वे ‘मिनी केन हारवेस्टर’ जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर गन्ना खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाएं।

यंत्रीकरण की दिशा में अहम कदम

यह सजीव प्रदर्शन गन्ना क्षेत्र में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने तथा किसानों को नवीन तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे प्रदेश में गन्ना उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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