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ग्रामीण आत्मनिर्भरता की ओर ‘विकसित भारत–जी राम जी’ पहल

‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना के तहत धौलासर व राजमथाई में जागरूकता अभियान पोकरण – कृषि विज्ञान केन्द्र, पोकरण द्वारा ग्राम धौलासर एवं राजमथाई में ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना के अंतर्गत जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में 70 से अधिक किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण मजदूरों ने भाग लेकर योजना से जुड़ी […]

‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना के तहत धौलासर व राजमथाई में जागरूकता अभियान

पोकरण – कृषि विज्ञान केन्द्र, पोकरण द्वारा ग्राम धौलासर एवं राजमथाई में ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना के अंतर्गत जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में 70 से अधिक किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण मजदूरों ने भाग लेकर योजना से जुड़ी जानकारियाँ प्राप्त कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ के लाभों से अवगत कराना रहा।

ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव

कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दशरथ प्रसाद ने बताया कि संसद से पारित ‘विकसित भारत–जी राम जी’ विधेयक 2025 को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे यह विधेयक अब कानून बन गया है। उन्होंने कहा कि यह नया कानून ग्रामीण क्षेत्रों में लागू ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन’ के माध्यम से मनरेगा योजना का स्थान लेगा और ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा।

125 दिन रोजगार की गारंटी, आर्थिक सुरक्षा होगी मजबूत

केन्द्र के प्रसार वैज्ञानिक सुनील शर्मा ने बताया कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आजीविका में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। इसके तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो पहले 100 दिन तक सीमित थी। इससे ग्रामीण परिवारों को अधिक कार्य अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

कृषि उत्पादकता और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर

 

सुनील शर्मा ने आगे कहा कि योजना के माध्यम से कृषि उत्पादकता में सुधार, स्थानीय स्तर पर योजनाओं का निर्माण, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का समेकन तथा श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे गांवों में विकास की गति तेज होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

आत्मनिर्भर ग्रामीण समाज की दिशा में पहल

पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. रामनिवास ने कहा कि यह विधेयक ग्रामीण मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज कल्याण को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान विभागों के एकीकरण एवं पारदर्शिता, कृषि मजदूरी समन्वय तथा प्रशासनिक मद में राशि की बढ़ोत्तरी से जुड़ी जानकारियाँ ग्रामीणों को दी गईं।

योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत की अहम भूमिका

कार्यक्रम में यह जानकारी भी दी गई कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। ग्राम पंचायत श्रमिकों का पंजीकरण, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने तथा प्राथमिकता के आधार पर कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों के निष्पादन के लिए उत्तरदायी होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से सफल रहा अभियान

जागरूकता अभियान में ग्राम पंचायत धौलासर एवं राजमथाई के कनिष्ठ लिपिक नेमाराम सहित शांति देवी, फरीदा, पूजा, धापू, बाकाराम, मनोहर सिंह, बिरमाराम, भोमसिंह, मेगसिंह सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने योजना को गांवों के समग्र विकास के लिए लाभकारी बताते हुए इसके प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।

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